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कैलिफोर्निया4 दिन पहले

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फोटो गेरट्रूड नामक सूअर की है। एलन मस्क की कंपनी न्यूरोलिंक ने इसी सूअर के सिर में ब्रेन का डाटा जुटाने वाला चिप लगाया है।

  • एलन मस्क का स्टार्टअप न्यूरोलिंक एक साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था, साल भर पहले न्यूरोलिंक कंपनी ने एक चूहे पर इस चिप का टेस्ट किया था
  • मस्क का कहना है कि इस डिवाइस का इस्तेमाल याददाश्त बढ़ाने, ब्रेन स्ट्रोक या दूसरी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज में किया जा सकेगा

टेस्ला के चीफ एग्जिक्यूटिव और स्पेस-एक्स के फाउंडर एलन मस्क ने दिमाग को पढ़ने वाला चिप पेश किया है। यह सिक्के के आकार का है। मस्क की टीम ने इस चिप को गेरट्रूड नाम के सूअर की सिर में फिट कर दिमाग की हरकतों को कंप्यूटर स्क्रीन पर देखने में कामयाबी हासिल की। यह चिप दिमाग को कंप्यूटर से जोड़ने का काम करेगा। मस्क ने लाइव स्ट्रीम के जरिए इसे दिखाया। जैसे ही चिप लगे सूअर ने सिर हिलाया और खाना चबाना शुरू किया, उसकी दिमाग की हरकतें पास ही लगी कंप्यूटर स्क्रीन पर नजर आने लगी।

मस्क का स्टार्टअप न्यूरोलिंक एक साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। साल भर पहले न्यूरोलिंक कंपनी ने एक चूहे पर इस चिप का टेस्ट किया था। उस वक्त सिर्फ चूहे के सिर में यूएसबी से जुड़ी इस चिप की फोटो सामने आई थी। बंदरों पर भी इसका प्रयोग किया गया है। अब इंसानों पर टेस्ट का प्लान है।

यादाश्त बढ़ाने के लिए हो सकेगा इस्तेमाल

एलन का कहना है कि इस डिवाइस का इस्तेमाल याददाश्त बढ़ाने, ब्रेन स्ट्रोक या दूसरी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज में किया जा सकेगा। इसके अलावा, लकवाग्रस्त मरीजों के लिए भी यह फायदेमंद साबित होगा। हम मरीज के दिमाग को पढ़कर डेटा जुटा सकेंगे। यह स्पाइनल कॉर्ड ( रीढ़ की हड्‌डी के नीचे दिमाग को संदेश भेजने वाली नसों) में चोट लगने की वजह से शरीर के अंग न हिला पाने वाले मरीजों के लिए भी मददगार साबित होगा।

2) कैसी है यह चिप और कैसे इसे फिट किया जाएगा

  • यह चिप बेहद पतली है और इसमें 1000 तार हैं। इसमें लगे तार चौड़ाई में इंसान के बाल के दसवें हिस्से के बराबर हैं। इसे बनाने में दो साल से ज्यादा लगे।
  • डिवाइस को रोबोट के जरिए दिमाग में इंस्टॉल किया जाएगा। सर्जन इस रोबोट की मदद से इंसान के सिर में 2 मिलीमीटर का छेद करेंगे। फिर चिप को छेद के जरिए दिमाग में लगाया जाएगा।
  • तार या थ्रेड्स के इलेक्ट्रॉड्स न्यूरल स्पाइक्स को मॉनिटर कर सकेंगे। ये इलेक्ट्रॉड्स ना सिर्फ इंसानों के दिमाग को पूरी तरह से जान पाएंगे, बल्कि उनके व्यवहार में आने-वाले उतार-चढ़ाव को भी समझ पाएंगे।

कैसे काम करेगा यह चिप:

न्यूराेलिंक टेक्नॉलजी इंसान के ब्रेन में चिप और वायर के जरिए काम करेगी। इन्हें बालों के नीचे फिट किया जाएगा। यह वायरलेस से दूसरे डिवाइस से कनेक्ट किया जा सकेगा। इसके जरिए ब्रेन के अंदर की जानकारी कम्प्यूटर में फीड होगी। ऐसा दावा है कि भविष्य में इंसानी दिमाग से जुड़ी अहम जानकारियां और यादें (मेमोरी) भी स्टोर की जा सकेंगी। अमेरिका मीडिया के मुताबिक एलन मस्क ने न्यूरोलिंक स्टार्टअप में 100 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। इसका मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को में है।

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