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जालंधर5 मिनट पहले

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जालंधर जिले के गांव मसानी के पास गन्ने के खेत मेंं तेल पाइन लाइन में तेल चोरी के इरादे से किए गए छेद की जांच करती आईओसीएल की टीम।

  • मथुरा-जालंधर पेट्रोलियम पाइप लाइन और पानीपत-जालंधर पाइप लाइन को दी जाती है जालंधर के ऑयल टर्मिनल व बॉटलिंग प्लांट से सप्लाई
  • 19 अगस्त को रात करीब साढ़े 12 बजे 20 मिनट के अंतराल में गांव मसानी से गुजरती मथुरा-जालंधर लाइन पर संदिग्ध गतिविधि हुई
  • 20 अगस्त को कॉर्पोरेशन की टीम ने जांच की तो गन्ने के खेत में सरिये से किए हुए 22 छेद मिले, पुलिस को दी शिकायत

जालंधर में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की अंडरग्राउंड मथुरा-जालंधर पाइप लाइन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि बीते दिनों आधी रात में जिले के कस्बा गोराया में कुछ लोगों की तरफ से पाइप लाइन में छेद करके तेल चुराने की कोशिश की है। यह हरकत होते ही आईओसीएल के कंट्रोल रूम में अलार्म बजने लगा। इसके बाद आईओसीएल की टीम ने हालात देखे और इस संबंध में पुलिस को शिकायत कर दी। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे तेल चोरी की कोशिश मानकर थाना गोराया में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

गोराया पुलिस को भेजी शिकायत में आईओसीएल के सुच्ची पिंड के ऑपरेशन एंड मेंटीनेंस एरिया मैनेजर निखिल कुमार ने बताया कि कॉर्पोरेशन की तरफ से दो क्रॉस कंट्री अंडर ग्राउंड पाइप लाइन चलाई जा रही हैं। इनमें मथुरा-जालंधर पेट्रोलियम पाइप लाइन और पानीपत-जालंधर पाइप लाइन शामिल हैं। इन दोनों ही लाइनों को जालंधर के ऑयल टर्मिनल व बॉटलिंग प्लांट से सप्लाई दी जाती है। इन पाइप लाइंस का कुछ हिस्सा गोराया थाने के इलाके में भी आता है। इसी इलाके में तेल चोरी की कोशिश की गई है।

निखिल कुमार ने बताया कि 19 अगस्त को रात 12 बजकर 20 मिनट से 12 बजकर 40 मिनट के बीच गांव मसानी से गुजरती मथुरा-जालंधर पेट्रोलियम पाइप लाइन पर कोई संदिग्ध गतिविधि हुई, जिसे उनके अलार्मिंग सिस्टम ने रिकॉर्ड किया। इसके बाद 20 अगस्त को कॉर्पोरेशन की टीम ने संदिग्ध गतिविधि की जांच की। यह अलार्म वहां गन्ने के खेत में से आया था। गन्ने के खेत में जांच की तो पाइप लाइन के गुजरने वाली जगह पर खेत में सरिये से किए हुए 22 छेद मिले। ये पाइप लाइन से छह मीटर की दूरी पर थे, इनकी गहराई तीन फीट तक थी। टीम को ऐसे ही छेद पाइप लाइन के ऊपर भी मिले। आशंका जताई कि ये छेद पाइप लाइन को ढूंढने के लिए किए गए हैं।

छह महीने में इस तरह की तीसरी घटना
छह महीने में तीसरी बार अति संवेदनशील पेट्रोलियम पाइप लाइन को तलाशने की कोशिश की जा चुकी है। इससे पहले 29 जुलाई को भी गांव सेमी में इसी तरह की घटना हो चुकी है। मार्च 2020 में भी गांव तल्हण में ऐसी घटना हुई थी।

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