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देहरादून25 मिनट पहले

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केदारनाथ इलाके में 14 जून 2013 से 17 जून 2013 के बीच भारी बारिश हुई थी। बादल फटने और बाढ़ की वजह से करीब 10 हजार लोगों की जान चली गई थी।

  • अब तक सर्च ऑपरेशन के दौरान 703 लोगों के अवशेष मिल चुके हैं, कई अब भी लापता
  • 2013 की त्रासदी में 10 हजार लोगों की जान गई, करीब 3 हजार से ज्यादा लोग लापता हुए थे

केदारनाथ त्रासदी में जान गंवाने वाले 4 लोगों के कंकाल सर्च ऑपरेशन के दौरान बरामद हुए हैं। इन्हें हिमालयन मंदिर के रास्ते में रामबाड़ा के ऊपर से बरामद किया गया। रुद्रप्रयाग एसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इलाके में पुलिस और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम द्वारा ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हिंदु रीति-रिवाज से कंकाल के अंतिम संस्कार से पहले हेल्थ डिपार्टमेंट ने उनके डीएनए सैम्पल लिए हैं। उनकी पहचान करने के लिए त्रासदी के दौरान लापता हुए लोगों के परिवार के सदस्यों से डीएनए सैंपल्स को मिलाया जाएगा।

कंकाल मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन खत्म हो गया

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर बुधवार को चलाया गया सर्च ऑपरेशन कंकाल के बरामद होने के साथ खत्म हो गया। इसके साथ ही अब तक सर्च ऑपरेशन के दौरान 703 लोगों के अवशेष बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 3,183 लोग अब भी लापता हैं।

टीम में पुलिस, एसडीआरएफ और हेल्थ डिपार्टमेंट के 60 लोग शामिल
सर्च ऑपरेशन में लगी टीम में पुलिस, एसडीआरएफ और हेल्थ डिपार्टमेंट के 60 लोग शामिल थे। टीम ने समुद्र की ऊंचाई से 14 हजार फीट की ऊंचाई पर सर्च ऑपरेशन चलाया। ऐसा ही सर्च ऑपरेशन पिछले दिनों भी मंदिर के पास चलाया गया था, जिसमें कई लोगों के कंकाल बरामद हुए थे।

त्रासदी में करीब 10 हजार मौतें हुईं और लगभग 3 हजार लापता हुए थे

केदारनाथ इलाके में 14 जून 2013 से 17 जून 2013 के बीच भारी बारिश हुई थी। बादल फटने की वजह से चोराबाड़ी झील फूट गई थी। इससे इलाके में अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई। कई सड़कें, बिल्डिंग और अन्य स्ट्रक्चर बह गए और करीब 10 हजार लोगों की जान गई और करीब 3 हजार से ज्यादा लोग लापता हुए थे।

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