लंदन2 दिन पहले

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रूस के जिन हैकर्स ने वैक्सीन बना रहे संगठनों को निशाना बनाया है, उन्हें एपीटी29 के नाम से जाना जाता है।- प्रतीकात्मक

  • ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसी का दावा- हैकर्स रूस की खुफिया विभाग के लिए काम कर रहे
  • ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने कहा- वैक्सीन बनाने वाले संगठनों को निशाना बनाना स्वीकार नहीं

रूस के हैकर्स अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में उन संगठनों को निशाना बना रहे हैं, जो कोरोना वैक्सीन डेवलप करने में जुटे हैं। ब्रिटेन की नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर ने यह चेतावनी दी है। दावा है कि ये हैकर्स रूस की खुफिया विभाग के लिए काम कर रहे हैं।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी यह नहीं बताया गया कि किन संगठनों को निशाना बनाया गया या क्या कोई जानकारी चोरी हुई? हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक, इससे वैक्सीन पर रिसर्च के काम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।  

एजेंसी का कहना है कि जिन हैकर्स ने निशाना बनाया है, उन्हें एपीटी29 के नाम से जाना जाता है। साथ ही इन्हें ड्यूक या कोजी बीयर के नाम से भी जाना जाता है। 

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डॉमिनिक रॉब ने कहा कि यह किसी भी हाल में स्वीकार नहीं है। ब्रिटेन और उसके सहयोगी वैक्सीन डेवलप करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

इन समूहों ने चेतावनी जारी की:

  • ब्रिटेन की एनसीएससी
  • कनाडा की कम्युनिकेशन सिक्योरिटी इस्टैब्लिशमेंट
  • यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट फॉर होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) साइबर-सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (सीआईएसए)
  • अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (एनएसए)

डेटा चुराने के लिए सॉफ्टवेयर की खामियों का फायदा उठाया

सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि हैकर्स ने सॉफ्टवेयर की खामियों का फायदा उठाते हुए कमजोर कम्प्यूटर सिस्टम तक पहुंच बनाई। इसके बाद फाइलों को अपलोड और डाउनलोड करने के लिए वेलमेस और वेलमेल नाम के मैलवेयर का इस्तेमाल किया।

ब्रिटेन के आम चुनाव में भी हस्तक्षेप का आरोप

रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में एपीटी29 ने कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन में कोरोना की वैक्सीन बनाने में लगे कई संगठनों को निशाना बनाया है। गुरुवार को ब्रिटिश सरकार ने यह भी कहा कि रूस ने निश्चित रूप से 2019 के ब्रिटेन के आम चुनाव में भी हस्तक्षेप किया था।

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