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  • Pakistan Imran Khan Tania Aidrus Zafar Mirza | Special Assistant To The Prime Minister Of Pakistan Imran Khan Tania Aidrus And Zafar Mirza Resigned.

इस्लामाबाद42 मिनट पहले

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बाईं तरफ डॉक्टर जफर मिर्जा और दाईं तरफ तानिया इरदौस हैं। दोनों इमरान खान के स्पेशल असिस्टेंट और एडवाइजर थे। इन्होंने बुधवार रात इस्तीफे दिए। (फाइल)

  • तानिया इरदौस इमरान की करीबी मानी जाती हैं, उनके पास डिजिटल पाकिस्तान की जिम्मेदारी थी
  • डॉक्टर जफर मिर्जा हेल्थ और दूसरे मामले देखते थे, उनके पास करोड़ों डॉलर की प्रॉपर्टी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को विपक्ष के विरोध के आगे घुटने टेकने पड़े। उनके दो स्पेशल एडवाइजर्स ने बुधवार रात इस्तीफे दे दिए। ये हैं- डिजिटल पाकिस्तान प्रोजेक्ट की हेड तानिया इरदौस और हेल्थ एंड कैबिनेट मामलों के चीफ डॉक्टर जफर मिर्जा। इमरान के कुल 15 स्पेशल असिस्टेंट हैं। इनमें से 7 के पास दोहरी नागरिकता और करोड़ों डॉलर की प्रॉपर्टी है। एक जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा होने के बाद विपक्ष इन्हें हटाए जाने की मांग कर रहा था। सरकार इनकी वजह से दबाव में है।

गूगल में रह चुकी हैं तानिया
तानिया इरदौस गूगल में एग्जीक्युटिव रह चुकी हैं। दो साल पहले जब इमरान खान प्रधानमंत्री बने तो तानिया को पाकिस्तान लौटने और एक स्पेशल प्रोजेक्ट संभालने का ऑफर दिया। तानिया के पास अमेरिकी नागरिकता भी है। तानिया ने पिछले साल दिसंबर में डिजिटल पाकिस्तान का जिम्मा संभाला। तानिया पर आरोप है कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट्स से जुड़े ठेके अपने करीबियों और परिवारवालों को दिए। कुछ महीने पहले ये साफ हो गया कि तानिया के प्रोजेक्ट में धांधली हो रही है।

विपक्ष का दबाव
इमरान के कुल 15 स्पेशल असिस्टेंट्स और एडवाइजर्स में से 7 के पास पाकिस्तान के अलावा दूसरे देशों की नागरिकता भी है। इमरान जब विपक्ष में थे तो दोहरी नागरिकता का विरोध करते थे। इसके पुराने वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। इमरान ने पहले कहा था- दोहरी नागरिकता वाले देश से धोखा कर सकते हैं। तानिया और जफर ही नहीं इमरान के लगभग हर दोहरी नागरिकता वाले एडवाइजर के पास करोड़ों डॉलर की प्रॉपर्टी है और ये सभी विदेश में हैं। लिहाजा, इमरान पर विपक्ष का दबाव बढ़ता जा रहा है।

कुछ और इस्तीफे होना तय
तानिया और जफर के बाद यह तय माना जा रहा है कि इमरान के कुछ और एडवाइजर या तो इस्तीफा देंगे या इन्हें हटाया जाएगा। बताया जाता है कि सेना भी इस मामले में इमरान सरकार का बचाव नहीं कर पा रही है। पिछले दिनों आर्मी चीफ बाजवा ने कहा था- दोहरी नागरिकता वाले लोग जब सांसद या सरकारी नहीं अफसर बन सकते तो हमें इस बारे में सोचना होगा। तब ही यह माना जाने लगा था कि इमरान को दोहरी नागरिकता वाले लोगों को हटाना पड़ेगा।

इनके पास दोहरी नागरिकता
नदीम बाबर : पेट्रोलियम मामलों के सलाहकार। अमेरिकी नागरिकता भी है।
सैयद जुल्फिकार अब्बास बुखारी : विदेशी मामलों के सलाहकार। ब्रिटेन की सिटीजनशिप भी है।
शहजाद कासिम : पावर सेक्टर मामलों के सलाहकार। अमेरिकी नागरिकता भी है।
तानिया एस. अरदौस : डिजिटल मामलों की सलाहकार। कनाडा की भी नागरिकता है।

इन तीन के पास रेसीडेंस परमिट
शहबाज गिल : राजनीतिक सलाहकार। अमेरिका में अस्थायी निवास का परमिट।
मोईद यूसुफ : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार। अमेरिका के अस्थायी नागरिक।
नदीम अफजल गोंदल : संसदीय मामलों के सलाहकार। कनाडा के अस्थायी नागरिक।

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