Madhya Pradesh: People crossing Narmada by boat risking life due to severe rains | भीषण बारिश से बिहार और मुंबई का बेहाल, मध्यप्रदेश में जान जोखिम में डालकर नाव से नर्मदा पार कर रहे लोग


नई दिल्ली33 मिनट पहले

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ये खूबसूरत हिमालयी हरी घास और फूल के मैदान, यानी बुग्याल पंचकेदार-रुद्रनाथ मंदिर ट्रैक पर स्थित हैं। यह इलाका उत्तराखंड के जिला चमोली में आता है। ट्रैक 2290 मीटर की ऊंचाई पर है। रास्ते में कई बुग्याल और झरने हैं। यहां पहुंचने के लिए सबसे पहले गोपेश्वर आना होता है। यहां से 5 किमी दूर सगर गांव है।

वहां से ल्वीटी बुग्याल के बाद करीब तीन किमी की चढ़ाई के बाद पनार बुग्याल आता है। यहां 10 हजार फीट की ऊंचाई पर ऐसा स्थान है, जहां पेड़ नजर नहीं आते और बुग्याल अचानक नजारा बदल देते हैं। यो घाटियां कई किस्म की घास और फूलों से भरी हुई हैं।

बारिश से मुंबई बेहाल

बारिश से मुंबई के नायर और जेजे अस्पताल कैम्पस में पानी भर गया। चर्नीरोड स्टेशन के पास रेलवे लाइन के बिजली के तार पर पेड़ गिर गया। फोटो नवी मुंबई के उरण का है, जहां सड़क पर गड्‌ढे हो गए। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में गुरुवार को 34 रोड और 9 स्टेट हाईवे बंद कर दिए गए। मौसम विभाग ने 24 घंटे महाराष्ट्र, गुजरात, कोंकण-गोवा के अंदरूनी क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी दी है।

नाव से लाना पड़ रहा पानी

फोटो मुजफ्फरपुर (बिहार) के शेखपुर ढाब की है। इसके साथ-साथ शहर के कई इलाके करीब दो हफ्तों से अधिक समय से बारिश-बाढ़ और नाले का पानी भरने से भीषण संकट झेल रहे हैं। सड़कों पर अब भी कई जगह घुटनों तक पानी भरा है। ऐसे में हजारों लोग बांध या अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। जो लोग फिर भी घर में टिके हुए हैं उन्हें रोजमर्रा के सामान, बल्कि पानी भी नाव से ही लाना पड़ता है।

गांव में तबाही का मंजर

बिहार के गोपालगंज जिले के चिउटाहां गांव के लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। 150 घरों में करीब 800 की आबादी बाढ़ से घिर गई है। इस आपदा में ग्रामीण खुद की तबाही का मंजर देख रहे हैं। तस्वीर में देखिए लोग जान जोखिम में डालकर घरों का सामान निकाल रहे हैं। सबसे ज्यादा तबाही यहीं पर है। नाव न होने से यहां लोग ट्रैक्टर से जरूरी सामान पहुंचा रहे हैं।

नर्मदा में जोखिम भरा सफर

फोटो मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के कसरावद तहसील के भट्याण बुजुर्ग स्थित नर्मदा तट का है। बारिश के मौसम में भी जिले में 3 जगह जोखिम के साथ नाव के से आवाजाही हो रही है। एक नाव पर 15 से ज्यादा बाइक और 20 तक सवारियां बैठाई जा रही हैं, जो काफी ज्यादा हैं। मवेशी भी साथ में होते हैं। दरअसल, कसरावद, महेश्वर और बड़वाह तहसीलों की दूरी नाव से काफी घट जाती है। समय और खर्च भी बच जाता है। फिलहाल महेश्वर में नर्मदा का वॉटर लेवल 141 मीटर के आसपास है।

कबाड़ ‘खाना’ थाना

यह फोटो स्मार्ट झारखंड पुलिस की लापरवाह कार्यशैली दिखाता है। राज्य के 468 थानों का हाल यह है कि 400 करोड़ की प्रॉपर्टी घास-पत्तों में दफन है। दैनिक भास्कर ने थानों में जब्त वाहनों की पड़ताल की तो पता चला कि सालों से खुले में पड़े वाहन जंग लगकर बर्बाद हो रहे हैं। कई थानेदारों ने कहा कि अपराध रोकें ध्यान दें या गाड़ियां बेचें।

20 तक गिन्नौरी साइड में 50 मीटर की स्लैब बिछेगी

भोपाल के छोटे तालाब पर बन रहे आर्च ब्रिज की रोप स्ट्रेसिंग 1-2 दिन में शुरू हो जाएगी। इसके जैक आ गए हैं। इसके साथ ही गिन्नौरी इलाके की तरफ 50 मीटर स्लैब बिछाने की भी तैयारी हो रही है। ब्रिज पर दो मीटर का फुटपाथ भी रहेगा। स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ ने नवंबर तक ब्रिज शुरू करने का टारगेट दिया गया है। 534 मीटर लंबे आर्च ब्रिज में 200 मीटर का हिस्सा तालाब के भीतर है। 334 मीटर एप्रोच रोड है।
बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत

राजस्थान के बाड़मेर और आसपास के इलाकों में गुरुवार को दिन भर उमस और गर्मी के बाद शाम को बरसात ने राहत दी। बाड़मेर में पहले आंधी और फिर बारिश का दौर शुरू हुआ। करीब 15 मिनट तक बारिश होने से गर्मी से राहत मिली। दूसरी तरफ गांवों में मूसलाधार बारिश होने से किसानों को भी राहत मिली है। फसल अच्छी होने की उम्मीद बंधी है। सेड़वा, धोरीमन्ना और बायतु समेत कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई है।

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