latest news updates Mahinda Rajapaksa-led SLPP registers landslide victory in Sri Lanka's parliamentary polls | महिंदा राजपक्षे की पार्टी एसएलपी को भारी बहुमत मिला, 225 में से 145 सीटों पर जीती; प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई


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कोलंबो6 मिनट पहले

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राजपक्षे की पार्टी का श्रीलंका के दक्षिणी हिस्से में दबदबा हैं। यहां उन्हें 60 फीसदी से ज्यादा वोट मिले हैं। -फाइल फोटो

  • राजपक्षे ने नतीजों से पहले ही दो-तिहाई बहुमत से जीत का भरोसा जताया था
  • वोटिंग 25 अप्रैल को होने थे, लेकिन महामारी के कारण इन्हें पहले 20 जून, फिर 5 अगस्त किया गया

श्रीलंका के आम चुनावों में राजपक्षे परिवार की श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) ने दो-तिहाई बहुमत से जीत हासिल की है। इन नतीजों के बाद अब महिंदा राजपक्षे पीएम बने रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रुझानों बढ़त देखते ही गुरुवार को फोन करके महिंदा राजपक्षे को शुभकामना दी थी।

महिंदा राजपक्षे की पार्टी एसएलपी 9 महीने पहले राष्ट्रपति चुनाव भी जीती थी। इसके बाद उनके छोटे भाई गोतबाया राजपक्षे ने 18 नवंबर को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। श्रीलंका में बुधवार को चुनाव हुए थे। गुरुवार को काउंटिंग शुरू हुई थी। शुक्रवार सुबह आधिकारिक तौर पर नतीजों का ऐलान किया गया।

राजपक्षे ने मोदी को धन्यवाद किया

भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, श्रीलंका में कोरोना के बावजूद चुनाव को प्रभावी ढंग से कराने को लेकर मोदी ने वहां की सरकार और निर्वाचन आयोग की सराहना की है। इसके बाद राजपक्षे ने ट्वीट कर पीएम मोदी को जीत की बधाई देने के लिए धन्यवाद दिया।

राजपक्षे ने कहा- श्रीलंका के लोगों के मजबूत समर्थन के साथ, हम दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को और बढ़ाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। श्रीलंका और भारत मित्र और संबंधी हैं।

राजपक्षे के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए मोदी ने कहा- आपसे बात करके खुशी हुई। एक बार फिर आपको बहुत धन्यवाद। हम द्विपक्षीय सहयोग के सभी क्षेत्रों को आगे बढ़ाने और अपने विशेष संबंधों को हमेशा नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए मिलकर काम करेंगे।

एसएलपी का दक्षिण में दबदबा रहा

देश के दक्षिणी हिस्से में एसएलपीपी ने करीब 60% वोट हासिल किए। यहां बहुसंख्यक सिंहली समुदाय है। इसे एसएलपीपी का वोट बैंक माना जाता है। उत्तर में तमिल अल्पसंख्यकों का दबदबा है। यहां पर जाफना के पोलिंग डिवीजन में एसएलपीपी की सहयोगी एलम पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (ईपीडीपी) ने तमिल नेशनल एलायंस (टीएनए) को हराया है। जबकि, जाफना जिले के ही दूसरे डिवीजन में ईपीडीपी को हार मिली है।

बहुमत के लिए 113 सीटें जरूरी
यहां कुल 225 संसदीय सीटें हैं। बहुमत के लिए 113 सीटें जरूरी हैं। 196 सीटों के लिए वोट डाले जाते हैं, बाकी 29 सीटों पर जीत-हार का फैसला हर पार्टी को मिले वोटों के आधार पर होता है। यहां करीब 1 करोड़ 60 लाख मतदाता हैं। पहले ये चुनाव 25 अप्रैल को होने थे, लेकिन महामारी को देखते हुए तारीख 20 जून, फिर 5 अगस्त कर दी गई थी।

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