India China ladakh tension | Amid Tension on the Ladakh border External Affairs Minister S Jaishankar to meet Chinese counterpart Wang Yi in Moscow. | सीमा विवाद के बीच आज मॉस्को में मिलेंगे भारत और चीन के विदेश मंत्री; 4 महीने में दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी बातचीत होगी


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मॉस्कोएक घंटा पहले

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मॉस्को में आज भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की मुलाकात होगी। इस मुलाकात पर सबकी नजरें होंगी क्योंकि एलएसी पर दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हैं। (फाइल)

  • भारत और चीन के बीच लद्दाख में तनाव जारी है, चीनी सैनिक अब पैंगॉन्ग सो लेक में जमा हो रहे हैं
  • पिछले हफ्ते मॉस्को में ही भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों की मुलाकात हुई थी, हालांकि इससे तनाव कम नहीं हुआ

लद्दाख में जारी तनाव के बीच आज मॉस्को में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की मुलाकात होगी। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर मॉस्को पहुंच चुके हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी यहां मौजूद हैं। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मीटिंग भारतीय समय के अनुसार शाम 6 बजे शुरू होगी।

आरआईसी मीट (रशिया, इंडिया, चाइना) के तहत जयशंकर मॉस्को में है। इस मीटिंग में तीसरा देश रूस है और यहीं इस सालाना मीटिंग का आयोजन किया जा रहा है। पिछले हफ्ते एससीओ देशों के रक्षा मंत्री यहां मौजूद थे।

इस मुलाकात पर नजर रहेगी
लद्दाख में पैंगॉन्ग सो झील के दक्षिणी हिस्से में मौजूद पहाड़ियों पर कब्जा करने की साजिश को पिछले दिनों भारतीय सैनिकों ने नाकाम कर दिया था। बुधवार को जानकारी मिली कि चीन अब उत्तरी इलाके में सैनिक और हथियार जमा कर रहा है। इतना ही नहीं वो यहां कुछ कंस्ट्रक्शन भी कर रहा है। भारतीय सेना चीन की हरकतों पर पैनी नजर रख रही है। भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर जयशंकर और वांग यी की मुलाकात पर सबकी नजरें रहेंगी। दोनों नेताओं की यह मीटिंग लंच पर होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मीटिंग के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोव भी रहेंगे।

हालात बेहद तनावपूर्ण
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को चीनी सैनिकों ने मुकपारी इलाके में घुसपैठ की कोशिश की थी। करीब चार दशक बाद इस इलाके में फायरिंग भी हुई थी। यहां अब भी भारतीय और चीनी सैनिक सिर्फ 200 से 300 मीटर की दूरी पर आमने-सामने हैं। इस क्षेत्र में तनाव सबसे ज्यादा है। पैंगॉन्ग सो लेक के उत्तरी इलाके में दोनों देशों के सैनिकों के बीच सिर्फ 500 मीटर की दूरी है। फिंगर 3 और 4 के इलाके में भी टकराव की आशंका है।

मई के बाद तीसरी बार बातचीत
भारत और चीन के बीच एलएसी पर तनाव की शुरुआत मई के पहले हफ्ते में हुई थी। इसके बाद दोनों विदेश मंत्रियों के बीच यह सिर्फ तीसरी बातचीत होगी। 15 जून को हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे। चीन के भी 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे। हालांकि, उसने इसकी औपचारिक जानकारी नहीं दी थी। 17 जून को वांग यीन ने जयशंकर से फोन पर बातचीत की थी। 23 जून को उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जयशंकर से संपर्क किया था। अब मॉस्को में दोनों आमने-सामने होंगे।

हालांकि, मई से अब तक दोनों देशों के बीच डिप्लोमैटिक चैनल्स और मिलिट्री लेवल पर बातचीत होती रही है।

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