French Defence Minister Florence Parly visit India on Sept 10 for Rafale jets induction ceremony | राफेल इंडक्शन सेरेमनी में शामिल होने 10 सितंबर को भारत आएंगी फ्लोरेंस पार्ली, गलवान झड़प के बाद भारत आने वाली पहली विदेशी नेता


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पेरिसएक घंटा पहले

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गलवान हिंसक झड़प के बाद फ्रांस की रक्षी मंत्री फ्लोरेंस ने राजनाथ सिंह को चिट्ठी लिखकर दुख जताया था। -फाइल फोटो

  • भारत को जुलाई में 5 राफेल फाइटर जेट्स का पहला बैच मिला, दिसंबर 2021 में आखिरी बैच आने की उम्मीद
  • भारत ने फ्रांस के साथ 2016 में 58 हजार करोड़ में 36 राफेल फाइटर जेट की डील की थी

फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली 10 सितंबर को भारत पहुंचेंगी। वो अंबाला एयर फोर्स बेस पर होने वाली राफेल जेट्स इंडक्शन सेरेमनी में शामिल होंगी। फ्लोरेंस रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात करेंगी। पार्ली के साथ फ्रांस के रक्षा अधिकारी और डिफेंस इंडस्ट्री का डेलिगेशन भी भारत आएगा।

चीन से जारी तनाव के बीच ये किसी बड़े विदेशी नेता की पहली भारत यात्रा है। पार्ली की बात करें तो फ्रांस में कोरोना के कारण प्रतिबंध लगने के बाद वो विदेश यात्रा पर जाने वाली पहली मंत्री होंगी।

गलवान झड़प पर अफसोस जताया था

15 जून को गलवान वैली में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। इसके बाद फ्लोरेंस पार्ली ने राजनाथ सिंह को चिट्ठी लिखकर दुख जताया था।

जुलाई में पांच राफेल फाइटर जेट्स का पहला बैच मिला

भारत को जुलाई के आखिर में पांच राफेल फाइटर जेट्स का पहला बैच मिला। 27 जुलाई को 7 भारतीय पायलट्स ने विमान लेकर फ्रांस से उड़ान भरी थी और 7000 किमी का सफर तय कर 29 जुलाई को भारत पहुंचे थे। इन पायलट्स में 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह, विंग कमांडर एमके सिंह, ग्रुप कैप्टन आर कटारिया, विंग कमांडर अभिषेक त्रिपाठी, विंग कमांडर मनीष सिंह, विंग कमांडर सिद्धू और विंग कमांडर अरुण कुमार शामिल थे।

परमाणु हमला करने में सक्षम है राफेल

राफेल डीएच (टू-सीटर) और राफेल ईएच (सिंगल सीटर), दोनों ही ट्विन इंजन, डेल्टा-विंग, सेमी स्टील्थ कैपेबिलिटीज के साथ चौथी जेनरेशन का फाइटर है। ये न सिर्फ फुर्तीला है, बल्कि इससे परमाणु हमला भी किया जा सकता है। इस फाइटर जेट को रडार क्रॉस-सेक्शन और इन्फ्रा-रेड सिग्नेचर के साथ डिजाइन किया गया है। इसमें ग्लास कॉकपिट है। इसके साथ ही एक कम्प्यूटर सिस्टम भी है, जो पायलट को कमांड और कंट्रोल करने में मदद करता है।

इसमें ताकतवर एम 88 इंजन लगा हुआ है। राफेल में एक एडवांस्ड एवियोनिक्स सूट भी है। इसमें लगा रडार, इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन सिस्टम और सेल्फ प्रोटेक्शन इक्विपमेंट की लागत पूरे विमान की कुल कीमत का 30% है। इस जेट में आरबीई 2 एए एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार लगा है, जो लो-ऑब्जर्वेशन टारगेट को पहचानने में मदद करता है।

36 में से 30 फाइटर जेट्स होंगे और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट

भारत ने फ्रांस के साथ 2016 में 58 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल फाइटर जेट की डील की थी। 36 में से 30 फाइटर जेट्स होंगे और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट होंगे। ट्रेनर जेट्स टू सीटर होंगे और इनमें भी फाइटर जेट्स जैसे सभी फीचर होंगे।

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