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2 घंटे पहले

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  • जिस दिन रूस ने अपनी वैक्सीन रजिस्टर की, उसी दिन मिला कैनसिनो को पेटेंट
  • भारत में तीन वैक्सीन के ट्रायल्स चल रहे हैं, सीरम इंस्टिट्यूट कर रहा है फेज-3 ट्रायल्स

रूस के बाद अब चीन ने भी एक वैक्सीन कैंडीडेट को पेटेंट दे दिया है। वह भी फेज-3 ट्रायल्स के नतीजों का इंतजार किए बिना। कंपनी का दावा है कि यदि कोरोनावायरस महामारी चीन में फैलती है, तो वह बड़े पैमाने पर इस वैक्सीन का प्रोडक्शन शुरू कर सकेगी। पेटेंट ने इस वैक्सीन की सेफ्टी और इफेक्टिवनेस के दावे को मजबूती दी है। वैसे, इस वैक्सीन को सीमित इस्तेमाल के लिए चीन ने पहले ही मंजूरी दे दी थी। चीनी मिलिट्री के जवानों के लिए कैनसिनो बायोलॉजिक्स की वैक्सीन जून में ही मंजूर हो गई थी।

  • यह चीन का पहली वैक्सीन है, जिसे पेटेंट दिया गया है। चीन के नेशनल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी एडमिनिस्ट्रेशन की वेबसाइट पर प्रकाशित एक डॉक्युमेंट में दावा किया गया है कि महामारी फैलने पर इस वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सकता है।
  • चीन के सरकारी अखबार पीपुल्स डेली ने रविवार को नेशनल इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी एडमिनिस्ट्रेशन के दस्तावेजों के आधार पर रिपोर्ट दी कि पेटेंट 11 अगस्त को ही जारी हो गया था। उसी दिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी वैक्सीन “Sputnik-V’ को रजिस्टर करने की घोषणा की थी।
  • कैनसिनो बायोलॉजिक्स ने रविवार को कहा कि पेटेंट मिलने से वैक्सीन की इफेक्टिवनेस और सेफ्टी साबित होती है। पिछले हफ्ते, कंपनी ने घोषणा की थी कि वह रूस, ब्राजील और चिली के साथ-साथ सऊदी अरब में फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल्स शुरू करेगी। सऊदी अरब में ही इसके लिए पांच हजार से ज्यादा वॉलंटियर्स आगे आए हैं।
  • इस वैक्सीन को कैनसिनो बायोलॉजिक्स ने चीन के एकेडमी ऑफ मिलिट्री मेडिकल साइंसेस के साथ मिलकर Ad5-nCOV नाम के एडेनोवायरस को बेस लेकर बनाया है। आम सर्दी-जुकाम के वायरस को मोडिफाई कर नोवल कोरोनावायरस का जेनेटिक मटेरियल उसमें जोड़ा गया है।
  • मई में फेज-1 ह्यूमन सेफ्टी ट्रायल की रिपोर्ट ने उम्मीद बंधाई और 25 जून को चीन की मिलिट्री ने ‘स्पेशली नीडेड ड्रग’ के तौर पर अप्रूव किया। मेडिकल जर्नल द लैंसेट में 20 जुलाई को इसके फेज-2 ट्रायल्स के नतीजे पब्लिश हुए हैं। रिसर्चर्स ने कहा कि 508 लोगों पर वैक्सीन Ad5-nCOV का ट्रायल किया गया। माइल्ड-स्टेज स्टडी में उनमें सुरक्षित और मजबूत इम्यून रिस्पॉन्स देखा गया है।
  • ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की ही तरह इस वैक्सीन ने भी एंटीबॉडी और टी-सेल इम्यून रिस्पॉन्स बढ़ाया, जिससे वायरस के खिलाफ इम्यून सिस्टम को मजबूती मिली। कैनसिनो के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर किउ डोंग्जू ने कहा है कि 40 हजार पार्टिसिपेंट्स पर फेज-3 के ट्रायल्स होंगे।

भारत में तीन वैक्सीन के हो रहे हैं ट्रायल्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर कहा था कि भारत में इस समय तीन वैक्सीन के ट्रायल्स हो रहे हैं। आइये जानते हैं इन तीनों के बारे में-
1. कोवीशील्डः सीरम इंस्टिट्यूट शुरू करेगा फेज-3 ट्रायल्स

  • ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर सर्दी के वायरस (एडेनोवायरस) के कमजोर वर्जन का इस्तेमाल किया और यह वैक्सीन बनाया।
  • फेज-2 के ह्यूमन ट्रायल्स के नतीजे 20 जुलाई को मेडिकल जर्नल द लैंसेट में पब्लिश हुए थे। दावा किया गया है कि यह वैक्सीन सेफ और इफेक्टिव है। यह वैक्सीन कोरोनावायरस से दोहरी सुरक्षा दे सकती है।
  • एक तो यह एंटीबॉडी डेवलप करती है जो वायरस से शरीर को बचाती है और वहीं किलर टी-सेल बनाती है जो वायरस पर सीधे हमला कर उसे नष्ट कर देते हैं।
  • भारत में दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टिट्यूट ने फेज-3 ट्रायल्स के लिए अनुमति हासिल की है। हालांकि, यह ट्रायल्स कहां हो रहे हैं, यह नहीं बताया गया है।

2. कोवैक्सीनः फेज-1 के नतीजे उत्साहवर्धक

  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) के साथ मिलकर भारतीय कंपनी भारत बायोटेक ने कोरोनावायरस के इनएक्टिवेटेड फॉर्म के आधार पर को-वैक्सीन तैयार की है।
  • कंपनी ने जुलाई में फेज-1 और फेज-2 के ट्रायल्स शुरू किए हैं। शुरुआत में यह दावा किया गया था कि वैक्सीन 15 अगस्त तक तैयार हो जाएगी। हालांकि, भारत बायोटेक के सीईओ ने स्पष्ट किया कि 2021 के शुरुआती महीनों तक यह वैक्सीन बाजार में उपलब्ध होगी।
  • फेज-1 के नतीजे हौसला बढ़ाने वाले रहे हैं। अगले फेज के ट्रायल्स जल्द से जल्द शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, कंपनी ने अब तक किसी भी फेज के नतीजों की अधिकृत तौर पर घोषणा नहीं की है। लेकिन इस साल के अंत तक इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

3. जायडस कैडीला ने शुरू किए फेज-1 ट्रायल्स

  • अहमदाबाद की फार्मा कंपनी जायडस कैडीला ने दावा किया है कि उसकी स्वदेशी वैक्सीन अगले साल की शुरुआत में लॉन्च हो जाएगी। ZyCoV-D एक प्लास्मिड डीएनए वैक्सीन है जिसे कंपनी के वैक्सीन टेक्नोलॉजी सेंटर (वीटीसी) ने डेवलप किया है।
  • कंपनी ने 15 फरवरी को कोविड-19 के लिए अपने वैक्सीन डेवलपमेंट प्रोग्राम की घोषणा की थी। जायडस कैडीला के चेयरमैन पंकज आर. पटेल ने कहा था कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया, रिव्यू कमेटी ऑन जेनेरिक मैनिपुलेशन (आरसीजीएम) और सेंट्रल ड्रग लैबोरेटरी ने फेज-1 और फेज-2 के ह्यूमन ट्रायल्स की इजाजत दे दी है।
  • भारत में कंपनी ने ट्रायल्स के लिए क्लिनिकल स्टडी साइट्स तय कर ली हैं। एक हजार से ज्यादा लोगों पर ट्रायल्स होंगे। इसके नतीजों के आधार पर वैक्सीन को अगले साल लॉन्च के लिए तैयार कर लिया जाएगा। कंपनी ने फेज-1 और फेज-2 ट्रायल्स के लिए क्लिनिकल बैच बना लिए हैं।

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