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पटना4 घंटे पहले

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यह फोटो 23 दिसंबर 2018 की है, जब दिल्ली में नीतीश कुमार, रामविलास पासवान, चिराग पासवान और अमित शाह के बीच बैठक हुई थी।

  • लोजपा ने तय किया है कि गठबंधन को लेकर सभी फैसले चिराग पासवान करेंगे
  • नीतीश जीतन राम मांझी को एनडीए में लाए, इससे चिराग की नाराजगी और बढ़ी

विधानसभा चुनाव की गहमागहमी तेज होते ही लोजपा ने प्रेशर पॉलिटिक्स का पैंतरा अपना लिया है। लोजपा ने सोमवार को दिल्ली में हुई संसदीय दल की बैठक में पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान को ही यह जिम्मा सौंपा है कि एनडीए के साथ गठबंधन पर फैसला वही करेंगे। अब चिराग बिहार के सीएम नीतीश कुमार से नाराज चल रहे हैं। लिहाजा, कयासों का दौर शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच दरार बढ़ रही है। और, लोजपा की प्रेशर पॉलिटिक्स चिराग खुद हैंडल कर रहे हैं।

नाराज चिराग चाहते हैं कि सीएम का चेहरा भाजपा से हो। उनकी पार्टी को बिहार की 40 सीटों पर चुनाव लड़ने दिया जाए। सूत्रों के मुताबिक, अगर ऐसा नहीं होता है तो लोजपा एनडीए छोड़ सकती है और बिहार की 243 सीटों में से 143 सीटों पर अपने कैंडिडेट उतार सकती है। और, 40 सीटें मिल गईं तो लोजपा गठबंधन में बनी रहेगी।

चिराग के रवैये से एनडीए के भीतर स्थिति असहज

भाजपा के सीएम कैंडिडेट उतारे जाने का इशारा चिराग पहले ही अपने बयानों में कर चुके हैं। वो लगातार बिहार सरकार की खामियों को उजागर कर रहे हैं। रोजगार और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर नीतीश पर हमलावर रुख अपना रखा है। चिराग के इस रवैये से एनडीए के भीतर स्थिति असहज हो रही है।

भाजपा जहां डैमेज कंट्रोल में जुटी है, वहीं जदयू ने चिराग की काट जीतन राम मांझी के रूप में ढूंढ निकाली है। पर, जब से नीतीश एनडीए में मांझी को लाए हैं, तब से चिराग की नाराजगी और बढ़ गई है।

जदयू नेता ने चिराग को कालिदास बताया था, लोजपा इस पर भी खफा
लोजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक में जदयू नेता ललन सिंह के उस बयान पर भी चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने चिराग को कालिदास बताया था। लोजपा ने ललन सिंह के बयान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। ललन सिंह ने कहा था कि चिराग जिस डाल पर बैठे हैं, उसी को काट रहे हैं।

प्रेशर पॉलिटिक्स का पैंतरा किसलिए?
सूत्रों का यह भी कहना है कि चिराग का मूड एनडीए छोड़ने का नहीं है। वे सिर्फ सीट शेयरिंग के लिए प्रेशर पॉलिटिक्स कर रहे हैं। बताया यह भी जा रहा है कि एनडीए में उन्हें 25 से 27 सीट मिल सकती है। लेकिन चिराग 40 सीट से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं।

पिछले चुनाव में ये थी परफॉर्मेंस

गठबंधनपार्टीकितनी सीटों पर चुनाव लड़ाकितनी जीतींजीत का %
एनडीएभाजपा1575321.81
लोजपा4220.82
रालोसपा2320.82
हम2110.41
महागठबंधनराजद1018032.92
जदयू1017129.21
कांग्रेस412711.11

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