Army chief to jawans on forward posts on China border that Country's eyes are on us | जनरल नरवणे ने जवानों से कहा- देश की नजरें हम पर हैं, ऐसे हालात में जोश के साथ हमें संयम से भी काम लेना होगा


  • Hindi News
  • National
  • Army Chief To Jawans On Forward Posts On China Border That Country’s Eyes Are On Us

नई दिल्ली5 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

जनरल नरवणे 2 और 3 सितंबर को लद्दाख सेक्टर के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने फॉरवर्ड पाेजिशन का दौरा भी किया था। (फाइल फोटो)

  • आर्मी चीफ ने 2 दिन के लद्दाख दौरे के दौरान सैनिकों से बात की और हालात का जायजा लिया
  • कांग्रेस ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री से देश की जनता को भरोसे में लेने की अपील की

लद्दाख सेक्टर में चीन के साथ जारी संघर्ष के बीच आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने भारतीय सैनिकों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इस समय पुरे देश की नजरें सेना पर टिकी हुईं हैं और वर्तमान हालात में हमें जोश और संयम दोनों से काम लेने की जरूरत है।

जनरल नरवणे 2 और 3 सितंबर को लद्दाख सेक्टर के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने फॉरवर्ड पाेजिशन का दौरा भी किया था और सुरक्षा हालातों का जायजा लिया। यही वह इलाका है, जहां भारत और चीन के बीच पिछले 4 महीनों से तनाव चल रहा है।

सेना के जवानों की सराहना की
आर्मी चीफ ने लद्दाख सेक्टर में विभिन्न ऑपरेशंस में जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आज के हालात में खुद पर नियंत्रण बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें जोश के साथ धीरज से भी काम लेना होगा।

शुक्रवार को कहा था- एलएसी पर हालात थोड़े नाजुक
आर्मी चीफ ने शुक्रवार को कहा था कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर हालात थोड़े नाजुक और गंभीर हैं। हमने कुछ जगहों पर ऐहतियातन जवान तैनात किए हैं, ताकि अपनी सीमाओं की सुरक्षा कर सकें। हमारे जवानों का मनोबल ऊंचा है, वे हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं।

कांग्रेस ने सरकार ने कहा- देश की जनता को भरोसे में ले केंद्र
कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अपील की कि वह लद्दाख के सीमा विवाद पर चीन से हो रही बातचीत पर देश की जनता को भरोसे में लें। पार्टी ने कहा कि लोग जानना चाहते हैं कि चीन के साथ बार-बार हो रही बातचीत का क्या आउटकम आया है।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पूछा कि किस बारे में बातचीत चल रही है? क्या हो रहा है? क्या प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री देश के लोगों को भरोसे में लेंगे। सुरजेवाला ने मामले की गंभीरता को समझाने के लिए विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रींगला के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह भारत-चीन सीमा पर एक अभूतपूर्व स्थिति थी और हमने 1962 के बाद से इस तरह की स्थिति कभी नहीं देखी।

ये भी पढ़ सकते हैं…

1.

0



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Follow by Email
LinkedIn
Share
Instagram