पाकिस्तान सालों से सिखों की आबादी खत्म करने में जुटा; भारत को तोड़ने के लिए खालिस्तानी आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा


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नई दिल्ली6 मिनट पहले

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15 अगस्त को कनाडा में भारतीय मिशनों के सामने खालिस्तानियों ने प्रदर्शन किया, जिसका पाकिस्तान ने खुलकर समर्थन किया था। -फाइल फोटो

  • खालिस्तानी आतंकी पाकिस्तान द्वारा वित्त पोषित हैं, जो भारत और कनाडा की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं: रिपोर्ट
  • पाकिस्तान में सिखों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता है, हमले और अपहरण कराए जाते हैं

पाकिस्तान दशकों से हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और महिलाओं के जबरन विवाह के जरिए सिख आबादी को खत्म कर रहा है। फिर भी यह खालिस्तानी आतंकवाद और दुनियाभर में अलगाववादी मूवमेंट को हवा दे रहा है, ताकि वह भारत को तोड़ने की अपनी मंशा में कामयाब हो सके। एक्सपर्ट टेरी मिल्वेस्की ने ये बातें कही है।

उन्होंने हाल में इस विषय पर एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें उन्होंने कहा कि खालिस्तानी आतंकी पाकिस्तान द्वारा वित्त पोषित हैं, जो भारत और कनाडा की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं। 18 सितंबर को दिल्ली मुख्यालय के थिंक-टैंक लॉ एंड सोसायटी एलायंस द्वारा आयोजित एक वेबिनार ‘खालिस्तानी आतंकवाद और कनाडा’ में वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।

मिल्वेस्की ने कहा कि उनकी रिपोर्ट ने खालिस्तान आतंकियों और पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऐसा है जैसे भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दिन अभी खत्म नहीं हुए हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान में सिख आबादी तेजी से घट रही है। पाकिस्तान में अभी भी सिखों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता है। गुरुद्वारों पर हमले किए जाते हैं। उनका अपहरण और हत्याएं की जाती है।

खालिस्तानी जनमत संग्रह कराना चाहते हैं

उन्होंने कहा कि खालिस्तानी आतंकवादियों ने 35 साल पहले एयर इंडिया के विमान में विस्फोट किया था, जिसमें कई लोग मारे गए थे। कनाडा ने अब तक की सबसे बड़ी मास किलिंग देखी। उसके पीड़ितों को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। खालिस्तानी इस साल नवंबर में अलग खालिस्तान के लिए जनमत संग्रह कराना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने नक्शा भी प्रस्तावित किया था।

कनाडा सरकार का कहना है कि इसे मान्यता नहीं दी जाएगी। हालांकि, यह चेतावनी दी गई है कि जनमत संग्रह से अतिवादी विचारधारा को हवा मिल सकती है। प्रस्तावित खालिस्तान नक्शे में भारत के कई हिस्सों को शामिल किया गया था। इसमें राजस्थान के कुछ भू-भाग, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली का पूरा हिस्सा शामिल था। लेकिन, इस नक्शे में पाकिस्तानी क्षेत्र का एक इंच भी दावा नहीं किया गया था।

खालिस्तान के नक्शे में पाकिस्तान का हिस्सा नहीं

मिल्वेस्की ने कहा- नक्शे में लाहौर शामिल होना चाहिए था, जहां से महाराजा रणजीत सिंह ने एक साम्राज्य चलाया और नानकाना साहिब, जहां गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था। सिख इतिहास वाले भूमि के उन हिस्सों को क्यों छोड़ा जा रहा है? इसका उत्तर यह है कि जो लोग खालिस्तान के लिए आंदोलन कर रहे हैं, वे पाकिस्तान के समर्थन के बिना अभियान नहीं चला सकते। वे अपने आकाओं को नाराज नहीं करना चाहते।

पाकिस्तान भी खालिस्तान को समर्थन देता रहा है

रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कनाडा में देखा कि पाकिस्तान ने 15 अगस्त को भारतीय मिशन के सामने प्रदर्शन के दौरान खालिस्तान को खुला समर्थन दिया था। हालांकि दोनों पक्ष समर्थन छिपाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वे हर बार उजागर हो जाते हैं।

मिल्वेस्की ने कनाडा जैसे उदारवाद देशों की भी आलोचना की है, जो एयर इंडिया हादसे को लेकर खालिस्तानियों पर कार्रवाई करने की बजाए, खालिस्तानी आतंकियों के अपने नागरिकों पर हमला करने और मारने का इंतजार कर रहा है। यूके के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य, रेमी रेंजर ने रिपोर्ट के लिए मिल्वेस्की को धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी विश्वसनीयता ने इसे और भी ज्यादा मजबूत बना दिया है।

खालिस्तानियों ने अपनी गुरुओं की विरासत को नुकसान पहुंचाया

रेमी रेंजर ने कहा- खालिस्तानी चरमपंथी सिख गुरुओं के लिए अपमान की तरह हैं। वे पूरी तरह से गुमराह हो गए हैं, जो पाकिस्तान के इशारे पर काम करते हैं और लोगों को धर्म के नाम पर बांटते हैं। भारत के दुश्मनों के लिए काम करके खालिस्तानियों ने अपने गुरुओं का अपमान किया है, जिन्होंने भारत को एकजुट करने के लिए काम किया। उन्होंने अपने गुरुओं की विरासत को नुकसान पहुंचाया है।

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