नीलम और झेलम नदी पर चीनी कंपनी बांध बना रही, इसके विरोध में मुजफ्फराबाद में लोगों ने रैली निकाली


  • पीओके के मुजफ्फराबाद में गैरकानूनी तरीके से हाइड्रोपावार प्लांट बनाया जा रहा, यहां के लोग इसके खिलाफ
  • प्लांट चीन की थ्री गोर्जेस कॉरपोरेशन की सब्सिडियरी कोहाला हाइड्रोपावर कंपनी लिमिटेड तैयार कर रही है

दैनिक भास्कर

Jul 07, 2020, 02:43 PM IST

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद में चीन का विरोध तेज हो गया है। यहां के लोगों ने सोमवार को नीलम और झेलम नदी पर गैरकानूनी ढंग से हाइड्रोपावर प्लांट बनाने के खिलाफ रैली निकाली। लोगों ने पाकिस्तान और चीन के खिलाफ नारे लगाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बांध बनाने से पर्यावरण पर बुरा असर पड़ेगा। इस मुद्दे को दुनिया तक पहुंचाने के लिए ट्वीटर पर #SaveRiversSaveAJK कैंपेन शुरू किया गया है।

यह पावर प्लांट चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर (सीपीईसी) के तहत बनाया जा रहा है। इसे चीन की थ्री गोर्जेस कॉरपोरेशन कंपनी की सब्सिडियरी कोहाला हाइड्रोपावर कंपनी लिमिटेड तैयार कर रही है।
लोगों ने कहा- यह संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के खिलाफ
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब यह क्षेत्र विवादित है तो फिर यहां चीन-पाकिस्तान किस कानून के तहत बांध बना रहे हैं। हम विरोध में कोहाला प्रोजेक्ट तक रैली निकालेंगे। प्लांट के लिए नदियों पर कब्जा किया जा रहा है। यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएएसी) के प्रस्ताव का उल्लंघन है।

प्लांट की अनुमानित लागत करीब 18 हजार करोड़

चीन-पाकिस्तान के बीच इस प्रोजेक्ट के लिए इसी साल करार हुआ है। इस पावर प्लांट से 1124 मेगावाॅट बिजली तैयार की जाएगी। प्लांट की अनुमानित लागत करीब 18 हजार करोड़ रुपए है। प्रोजेक्ट के तहत 20 किमी लंबी नहर बनाई जाएगी, जो मुजफ्फराबाद से होकर गुजरेगी। दिसंबर 2018 में भी मुजफ्फराबाद के लोगों ने नहर के डिजाइन को लेकर विरोध किया था।



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