नई दिल्ली17 मिनट पहले

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लेह में भारत और चीन की सेना के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि इलाके में सेना के वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। यह फोटो शुक्रवार को लेह इलाके में नजर आए सैन्य वाहनों का है।

  • 7 सितंबर को चीन ने भारतीय इलाके पर कब्जे की कोशिश की थी, इसके बाद चुशुल में लगातार 5 दिन से सैन्य स्तर की बातचीत जारी
  • चुशुल के करीब रेजांग ला, लीचेन ला, ब्लैक टॉप और गोस्वामी हिल पर सेना के कब्जे से बढ़त मिली, चीनी सैनिक भी यहां मौजूद हैं

लद्दाख में जारी तनाव को सुलझाने के लिए लगातार पांचवें दिन शुक्रवार को भारत और चीन के सैन्य अफसरों के बीच बातचीत हुई। यह मीटिंग करीब 4 घंटे तक चली और बताया जा रहा है कि इसमें भी कोई खास नतीजा नहीं निकला है। बैठक उसी जगह पर हुई है, जहां दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे से कुछ ही मीटर की दूरी पर हैं।

दिल्ली में भी शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अलावा सेना प्रमुखों से भी मिले। बैठक के दौरान लद्दाख के हालात पर चर्चा हुई।

सीमा पर बैठकें 7 सितंबर से जारी हैं। एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि बातचीत से इस समस्या का हल निकलेगा, लेकिन यह लंबी प्रक्रिया है। बैठकों का दौर तब शुरू हुआ, जब चीन ने भारतीय इलाके पर कब्जे की कोशिश की थी। लेकिन, भारतीय सेना ने इस कोशिश को नाकाम कर दिया था।

लद्दाख में चीन पर हावी भारतीय सेना

  • चीन की इस हरकत के बाद ही भारतीय सेना ने चुशुल के करीब रेजांग ला, लीचेन ला, ब्लैक टॉप, गोस्वामी हिल और अन्य अहम चोटियों पर कब्जा कर लिया था।
  • पैंगॉन्ग के उत्तरी इलाके में फिंगर 4 से फिंगर 8 तक चीन के सैनिक कई चोटियों पर मौजूद हैं। पहले यहां चीन हावी था। अब फिंगर 4 की ऊंचाई वाली अहम चोटियों पर भारतीय सेना का कब्जा है।
  • पैंगॉन्ग के दक्षिणी इलाके में भारत से मात खाने के बाद चीन अब उत्तरी इलाके में अपने सैनिक बढ़ा रहा है। यहां नया निर्माण भी किया जा रहा है।
  • इस इलाके में भारतीय सैनिकों ने उन अहम पोजिशन पर कब्जा कर रखा है, जहां से वह चीन के सैनिकों की हर हरकत पर नजर रख सकते हैं।
  • भारत ने अगस्त के आखिर में ही ऊंचाई वाले इलाकों पर अपना कब्जा करने के लिए झील के दक्षिण से ऑपरेशन शुरू कर दिया था।

भारतीय इलाकों पर लगातार कब्जे की कोशिश रहा है चीन
29-30 अगस्त की रात चीनी सैनिकों ने पैंगॉन्ग झीले के दक्षिणी छोर की पहाड़ी पर कब्जे की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय जवानों ने नाकाम कर दी। तभी से दोनों के सैनिक आमने-सामने डटे हुए हैं। चीन 1 सितंबर को भी घुसपैठ की कोशिश कर चुका है।

7 सितंबर को दक्षिणी इलाके में चीनी सैनिकों ने भारतीय पोस्ट की तरफ बढ़ने की कोशिश की थी और चेतावनी के तौर पर फायरिंग की थी। यहां पर भारत के सैनिकों ने उन्हें रोक दिया था। इस घटना की तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें चीन के सैनिक भाला, रॉड और धारदार हथियार लिए नजर आए।

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