कोरोना पॉजिटिव हैं तो अस्‍पताल जाएं या होम आईसोलेशन में रहे, यह कैसे तय करें; ऑक्सीमीटर की रीडिंग कितनी गिरने पर अलर्ट हो जाएं


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एक घंटा पहले

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  • कोरोना के कुछ लक्षण डेंगू-मलेरिया जैसे भी होते हैं इसलिए इनसे बचें और संक्रमित के सम्पर्क में आए हैं तो एक बार जांच जरूर कराएं
  • एक बार किसी एरिया में संक्रमण कंट्रोल होने पर लोग रिलैक्स हो जाते हैं और मास्क लगाना छोड़ देते है, ऐसी लापरवाही हाेने पर फिर मामले सामने आते हैं

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच लोगों के मन में कई सवाल अब भी घूम रहे हैं। कई सवाल होम आईसोलेशन से जुड़े भी हैं, क्योंकि अब अगर किसी को कारोना का संक्रमण होता है, तो जरूरी नहीं है कि उसे अस्‍पताल में भर्ती किया जाए। कोरोना से जुड़े ऐसे ही सवालों के जवाब मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली के चिकित्सक डॉ. नरेश गुप्ता से जानिए…

पॉजिटिव होने पर घर या अस्पताल कहां आइसोलेट हों?
एक्सपर्ट :
सरकार ने ढील इसलिए दी है क्योंकि अब लोगों में जागरूकता आ चुकी है। इसलिए अगर मरीज होम आइसोलेशन में रहना चाहते हैं, तो रह सकते हैं। लेकिन अगर लक्षण गंभीर हैं तो अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। घर में अगर आइसोलेट होना है तो जरूरी है एक अलग कमरा और बाथरूम हो। घर में भी कोई देख-रेख के लिए हो। घर में सभी जरूरी सुविधाएं हों तभी रहें।

पल्स ऑक्सीमीटर को कैसे समझें?
एक्सपर्ट : जो लोग स्वस्थ हैं, और उन्हें फेफड़े की बीमारी नहीं है, तो रीडिंग 95-100 प्रतिशत के बीच में होनी होनी। अगर ये गिरने लगे और 92 प्रतिशत तक आ जाए तो इसका मतलब बीमारी बढ़ रही है। इसमें यह भी देखा गया है कि अगर संक्रमण बढ़ता है, तो एक दम से परेशानी नहीं होती है, बल्कि धीरे-धीरे बढ़ती है। कई बार 80 फीसदी तक गिरने पर मरीज को परेशानी का अहसास होता है। इसलिए अगर ऑक्सीमीटर की रीडिंग 92 से नीचे आये तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसका एक और पैमाना है, जिसमें अगर बेस लाइन लेवल नीचे गिरने लगे तो मान लेना है कि स्वास्थ्य ठीक नहीं है।

क्या संक्रमित से हाथ मिलाने पर वायरस पूरे शरीर में फैल जाता है?
एक्सपर्ट : हाथ मिलाने की जरूरत नहीं है, नमस्ते करें। अगर किसी संक्रमित से हाथ मिलाते हैं तो पूरे शरीर में वायरस नहीं फैलता है। वायरस उतनी ही जगह रहता है, जितने में व्यक्ति का हाथ संक्रमित के संपर्क में आया होता है। इसलिए हाथ मिलाने से या किसी के भी संपर्क में आने पर तुरंत साबुन या सैनेटाइजर से हाथ साफ करें।

इसे ऐसे समझ सकते हैं कि माना संक्रमित के हाथ से दूसरे इंसान के हाथ में 10 वायरस आए। बिना हाथ धोये मुंह, नाक या आंख पर हाथ लगाया, तो वायरस शरीर के अंदर जाकर मल्‍टीप्‍लाई होने लगता है।

सामान्य जुकाम में भी यह चिंता होने लगती है कि कहीं कोरोना तो नहीं, ऐसे में क्या करें?
एक्सपर्ट : इन दिनों कई वायरल के केस कम हो गए हैं। इसके अलावा कुछ बीमारी ऐसी हैं, जो केवल मास्क लगाने से दूर नहीं होती हैं। उसके लक्षण कोरोना जैसे ही होते हैं, जैसे कि डेंगू, मलेरिया जो मच्छर के काटने से फैलता है। इससे बचने के लिये आस-पास सफाई रखें, मच्छर न पनपने दें। लेकिन अगर कोरोना के लक्षण हैं, या किसी संक्रमित के संपर्क में आए हैं तो एक बार जांच जरूर करा लें। जांच कराने से न घबरायें, अब सरकार ने बिना डॉक्टर के लिखे भी ऑन डिमांड जांच कराने की अनुमति दे दी है।

कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं, इसका क्या कारण हो सकता है?
एक्सपर्ट : इसके कई कारण हैं, लेकिन जो मुख्य हैं, वो यह कि जब किसी शहर या इलाके में संक्रमण कंट्रोल होता जाता है तो लोग रिलैक्स हो जाते हैं कि कोरोना चला गया। इसी चक्कर में जो लोग अब तब सावधानी बरत रहे थे, लापरवाह हो जाते हैं। अब बाजार भी खोल दिए गए हैं। वहां भी लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसके अलावा देश में टेस्टिंग की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ा दी गई है। इसकी वजह से जैसे-जैसे टेस्ट बढ़ रहे हैं वैसे-वैसे संक्रमित पकड़ में आ रहे हैं।

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